Saturday, March 21, 2026

किएक?


सूर्योदय 

समस्त जीव जगत केर जीवनक आधार

अजस्र ऊर्जाक अक्षय भंडार

सुदूर अंतरिक्ष निवासी निरंतर गतिमान 

अहाँक अप्रतिम आभासँ होइछ इजोत

तथापि, किएक रहि जाइछ?

अहंकारी मनुखक हृदयक 

कतेक कोन वज्र अन्हार,

जे ओ शान्ति-सुरक्षाक नाम पर

करैत अछि एतेक नरसंहार 

दैछ इसकुलिया नेनाक बलि,

दूषित करैछ, जल, वायु, पृथ्वी

आ सब किछु,

जे थिक,

मानवताक अस्तित्वक आधार।

No comments:

Post a Comment

अहाँक सम्मति चाही.Your valuable comments are welcome.

मैथिलीकें जियाकय कोना राखब: समस्या आ समाधान

कीर्तिनाथक आत्मालापक पटल पर 100 म  लेख   मैथिलीकें जियाकय कोना राखब: समस्या आ समाधान  कीर्तिनाथ झा वैश्वीकरण आ इन्टर...

हिन्दुस्तान का दिल देखो