1
इजराइल में हो या इरान में,
फिलिस्तीनी हो
या हो और कोई इंसान,
जब हो वह मोर्चे हो खड़ा
दुश्मन के सामने
वह हैं दुश्मन अपने शत्रु के.
पर, इंसान के बच्चे की जान!
इंसान के बच्चे की जान लेना
है केवल हैवान का काम!
फिर फिलिस्तीन, हो इरान या हिन्दुस्तान,
बचायें हम बच्चे को,
उसने किया कौन सा नुकसान ?
2
हिटलर, मुसोलिनी, या हो
कोई याह्या ख़ान
मालूम है ? तारीख़ में क्यों
दर्ज है तेरा नाम,
नरसंहार का पर्याय
है तेरा नाम!
कौन भूला है?
विजेता अशोक ने
कितना किया था शोक?
अपने हाथों हुए नरसंहार पर!
पर आज?
अब बंद हो ये नाच
और बंद हो यह लूट का यह खेल.
आखिर खेल तो है तेल का
और
यह निरर्थक युद्ध निगल रहा है
मानवता को!
कुछ सोचिये,
हे ट्रम्प, हे पुतिन, हे सी,
हे विश्व के नेतागण महान,
कब तक लेंगे आप?
स्वतंत्रता के नाम पर
असहाय इंसान की जान!
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