Sunday, June 21, 2026

चलिये संभलकर, कहिये खुलकर


Courtsey: The Statesman

पुल नया है, जरा संभल कर चलिये।
सरकार अपनी है
, खुल कर कहिये ।
रेत और मिट्टी से बना है पुल
, फौलाद नहीं है!
पुल गिरते हैं
, पल भर में सरकारें भी गिरती हैं,
आप की है सरकार
, आप इसके मोहताज नहीं हैं।
नहीं बनते हैं अस्पताल तो बोलिये
,
चले बेवजह बुलडोजर तो रोकिये।
बंद है आवाज
, तो साफ कीजिये गला,
सीने को बनाइये फौलादी
इस में ही है सबका भला।


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