
Courtsey: The Statesman
पुल नया
है, जरा संभल कर चलिये।
सरकार अपनी है, खुल कर कहिये ।
रेत और मिट्टी से बना है पुल, फौलाद नहीं है!
पुल गिरते हैं, पल भर में सरकारें भी गिरती हैं,
आप की है सरकार, आप इसके मोहताज नहीं हैं।
नहीं बनते हैं अस्पताल तो बोलिये,
चले बेवजह बुलडोजर तो रोकिये।
बंद है आवाज, तो साफ कीजिये गला,
सीने को बनाइये फौलादी
इस में ही है सबका भला।
कीर्तिनाथक आत्मालाप, आत्ममंथनक क्षणमें हमर मनक दर्पण थिक. 'Kirtinathak aatmalap' mirrors my mind in moments of reflection.
Sunday, June 21, 2026
चलिये संभलकर, कहिये खुलकर
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